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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने तलाक की अर्जी में अपनी पत्नी ऐश्‍वर्या राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं. तेज ने अपनी अर्ज़ी में लिखा है कि ऐश्वर्या उन पर अपने पिता चंद्रिका राय को छपरा से लोकसभा का टिकट दिलवाने का दबाव बना रही थीं ऐसे में सवाल यह उठने लगा है कि आखिर बिहार की 40 सीटों में से ऐश्वर्या की नजर छपरा की सीट पर ही क्यों थी और उन्होंने अपने पिता के लिए इसी सीट पर दावा क्यों ठोका ?

दरअसल बिहार की छपरा सीट को राजद का गढ़ माना जाता है. इस सीट पर पिछले 40 साल से राजद का ही प्रभुत्व रहा है. छपरा सीट पर जीत की शुरूआत पार्टी के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 1977 में की थी. लालू ने यहीं से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था. इसके बाद लालू ने साल 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से अपनी जीत को बरकरार रखा. तब लालू प्रसाद यादव ने इस सीट से चुनाव लड़ते हुए करीब 60 हजार और 52 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. चुकि इस इलाके में यादव वोटरों की बाहुल्यता है ऐसे में पार्टी भी इसे अपना गढ़ मानती है.

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पिछले वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भी मोदी लहर के बीच इस सीट से राजद ने जीत की पुरजोर कोशिश की थी और पार्टी सुप्रीमो लालू ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को इस सीट से चुनाव लड़वाया था लेकिन उनको भाजपा के राजीव प्रताप रूड़ी से शिकस्त मिली थी. राबड़ी को इस चुनाव में करीब 41 हजार वोटों से हार मिली. ये तो बात हुई इस सीट से लालू के परिवार और उनकी पार्टी के प्रभुत्व की. इस मांग का दूसरा पहलू देखें तो ऐश्वर्या के पिता और बिहार के पूर्व मंत्री चंद्रिका राय का भी लंबे अरसे से इसी संसदीय क्षेत्र में प्रभुत्व रहा है. छपरा के परसा विधानसभा क्षेत्र से वो विधायक रहे हैं और पार्टी को इलाके में मजबूत करते रहे हैं.

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