उम्र बढ़ने के साथ ही बुढ़ापे में काम करने की क्षमता भी घट जाती है. ऐसी स्थिति में घर चलाने के लिए बुजुर्गों पास बहुत ही सीमित विकल्प होते हैं. साथ ही उन्हें कई वित्तीय समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. आज हम आपको बताते हैं रिवर्स मॉर्गेज लोन (Reverse Mortgage Loan) के बारे में. भारत में इस लोन को बहुत कम लोग लेते हैं. कई सीनियर सिटीजंस इस स्कीम के बारे में जानकारी नहीं होती या फिर उनके परिवार के लोग उनका खर्च चलाते हैं
जिससे सीनियर सिटीजन्स को ऐसे लोन की जरूरत ही नहीं पड़ती. जैसा कि यह नाम से ही रिवर्स लग रहा है, मतलब वापस. इसे अच्छे तरीके से समझने के लिए चलिए हम होम लोन का सहारा लेते हैं. होम लोन में हमें घर के सारे दास्तावेज जमा करने पर लोन मिल जाता है. फिर उस लोन को चुकाने के लिए महीने की किस्त भरते रहते हैं. जिसे ईएमआई कहते हैं. मतलब एक मुश्त रकम मिल गई. फिर उसे किश्तों में भरते रहते हैं. अब रिवर्स मॉर्गेज लोन में होता यह है कि बैंक आपका घर गिरवी रख लेते हैं. फिर हर महीने बैंक आपको पैसे देते रहते हैं. आवेदक की जब मृत्यु हो जाती है तो ये घर बैंक का हो जाता है.
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