बैसा(पुर्णिया):- एक ओर जोर शोर से खुले में शौच से मुक्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं प्रखंड क्षेत्र के रौटा बाजार आने जाने वाले लोग सार्वजनिक शौचालय न रहने से परेशान हैं। इस बाजार में तकरीबन तीन सौ दुकानें हैं। ग्रामीण इलाकों से हजारों ग्रामीण प्रतिदिन अपनी जरूरत के सामानों की खरीददारी करने यहां आते हैं। इस बीच यदि उनलोगों को शौचालय जाने की आवश्यकता महसूस होती है तो परेशानी बढ़ जाती है। कुछ लोग तो पेट्रोल पंप के शौचालय का उपयोग करते हैं। हालांकि अधिकांश ग्रामीण जिन्हें बाजार में शौच की आवश्यकता महसूस होती है वे लोग खुले में शौच को मजबूर हो जाते हैं। बाजार के पूरब दिशा में बहने वाले नहर में ही वे लोग शौच जाने को बाध्य होते हैं। ऐसे में खुले में शौच से मुक्ति का अभियान यहां काफी प्रभावित हो रहा है। बाजारवासियों ने बताया कि शौचालय न रहने से काफी परेशानी हो रही है। यहां ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है। प्रशासन इस दिशा में अविलंब पहल करते हुए बाजार में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराए तभी जाकर इस बाजार में ओडीएफ का असर दिखेगा।
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