जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की कम्पनी I-PAC अब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिए सेवा देने जा रहे हैं. यह भी एक तथ्य है कि ये फैसला लेने से पहले प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार से दो बार मुलाकात की थी. जिस तरह से जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रशांत किशोर के फैसले के समर्थन दिया है, इससे जाहिर है कि नीतीश कुमार ने ही इसके लिए परमिशन दी है. यह भी साफ है कि पश्चिम बंगाल में पीके बीजेपी के खिलाफ रणनीति बनाएंगे. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जेडीयू अपने ही पार्टी के नेता को बीजेपी के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए क्यों आगे कर रहे हैं?...
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