जदयू विधायक मुजाहिद आलम ने सदन में उठाया मामला।


तारांकित प्रश्न संख्यां -182 के द्वारा विधायक मुजाहिद आलम ने सरकार से पुछा कि किशनगंज जिला अंतर्गत एएमयू किशनगंज सेन्टर एवं प्रस्तावित पुलिस लाइन को महानंदा नदी के कटाव से बचाने हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा 44 करोड़ के लागत से तटबंध निर्माण कराया जा रहा था, जिसके विरुद्ध मांझी परगनास अमेन बैसी द्वारा एनजीटी पूर्वी जोन कोलकाता में एक परिवाद दायर किया गया था, क्या ये बात सही है कि विभाग द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगा दीया गया है, जबकि एनजीटी पूर्वी जोन कोलकाता से किसी प्रकार का रोक लगाया गया है, तो सरकार कब तक तटबंध निर्माण कराने का काम चालु कर रही है? राज्य सरकार की ओर से जवाब में जल संसाधन विभाग के मंत्री ने सदन में बताया कि सरकार के एजेण्डा संख्या 138/16 के तहत एएमयू सेन्टर किशनगंज एवं पुलिस लाइन को बचाने के लिए कार्य शुरू करा दिया गया था, एएमयू सेन्टर किशनगंज के निर्माण के विरुद्ध ग्रीन ट्रिब्यूनल पूर्वी क्षेत्र बेंच कोलकाता में OA-126/2017 माँझी परगनास अमेन बैसी द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय ,किशनगंज केन्द्र बनाम अन्य के विरुद्ध याचिका दायर किया गया । दिनांक 21 जुलाई 2017 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूर्वी क्षेत्र बेंच कोलकाता द्वारा आदेश पारित किया गया है कि परिवादी संख्या 5 महानिदेशक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को आवश्यकता अनुसार स्थल निरक्षन करते हुए आवश्यक निर्देश पारित करने हेतु निर्देशित किया गया।अब स्थिति यह है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूर्वी क्षेत्र बेंच कोलकाता द्वारा दिनांक 21 जुलाई 2017 को पारित आदेश के आलोक में महानिदेशक राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, भारत सरकार द्वारा दिनांक 6 नवम्बर 2017 को पारित आदेश एवं जिला पदाधिकारी, किशनगंज के ज्ञापांक 1495 दिनांक 17 नवम्बर 2017 के आलोक में उक्त तटबंध का निर्माण कार्य बंद किया गया है खबरों की हलचल।नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पूर्वी क्षेत्र बेंच कोलकाता से आदेश प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

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